छठ पूजा गीतों में एक नए बदलाव की कोशिश

दीपों का उत्सव दिवाली के ख़त्म होते ही छठ महापर्व की तैयारियां शुरू हो चुकी है| कहीं छठ व्रतियों के घरों में साफ़-सफाई एवं पूजा सामग्री एकत्र करने की चहल-पहल हो रही है, तो कहीं दूर दराज के शहर और देशों में रहने वाली प्रवासी बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखण्ड में अपने अपने गाँव की तरफ रुख करने की कोशिश में लगे हैं| प्रशासन भी छठ घाटों की साफ़ सफाई और छठ पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्ता को चाक-चौबंद करने की पूरी तैयारी में जुटा है|

इन सब के बीच एक चीज़ जो सबको एक साथ बाँध के रखती है और छठी माता के हर भक्त को छठ पूजा की यादों के झरोखों में ले जाती है, वो है छठ पूजा गीत| बचपन से अपने-अपने घरों में हम दादी, चाची और अन्य बुजुर्गों के द्वारा गाये गीतों को सुनते आ रहे हैं| संगीत के बाजारीकरण के दौर में भी शारदा सिन्हा जी जैसे दिग्गज गायिकाओं ने छठ पूजा के गीतों को अपनी आवाज़ देकर एक नयी पहचान दी है|

इन सब के बीच आधुनिक युग में छठ पूजा के गीतों में मौलिकता की कमी दिखती है| कुछ पारंपरिक गीतों को छोड़ कर कुछ भी नया परिवर्तन छठ पूजा के गीतों में नहीं दिख रहा था| ऐसे में “भक्ति आराधना” यूट्यूब चैनल ने एक नए बदलाव की शुरुआत की है| नवरात्री 2018 में शुरू हुए इस चैनल ने नए तरह के भक्ति गीतों को बढ़ावा देने की पहल की| चैनल का उद्दयेश गीत संगीत के माध्यम से हिन्दू जनमानस में धर्म के प्रति जागरूकता फैलाना है|

इस चैनल द्वारा प्रस्तुत वैसे तो सभी गीत कर्णप्रिय और भक्ति भाव से परिपूर्ण हैं| लेकिन एक ख़ास बात जो इन गीतों को भीड़ से अलग करती है वो है भक्तों की लालसा और पीड़ा को गीत-संगीत में पिरोना| भक्ति आराधना चैनल ने पारंपरिक छठ गीतों के साथ-साथ मौलिकता को भी ख़ास महत्व दिया है|

इसीलिए इस चैनल ने एक तरफ जहाँ पारंपरिक गीतों जैसे “कांच ही बांस के बहन्गिया” और “छठी माई देई दिही गोदी में ललनवा” इत्यादि को स्थान दिया है, वहीँ नयेपन की झलक लिए हुए गीत जैसे “असो छठ में बलमुआ नाही आइले” भी है|

ये चैनल डाo सुनील कुमार की पहल है जो फिल्म इंडस्ट्री से एक निर्माता और वितरक की तरह कई दशकों से जुड़े हैं| उनका कहना है कि, आज की पीढ़ी अपनी संस्कृति और धर्म से विमुख हो रही है| उनके उनकी भाषा में उनकी तरह का कंटेंट चाहिए तभी वोजुड़ाव महसूस करते हैं| इस लिए हमारे चैनल की प्रतिबध्धता है बेहतरीन गुणवत्ता वाले गीतों के माध्यम से हिन्दू धर्मावलम्बियों को उनके धर्म और संस्कृति से जोड़े रखने की ईमानदार पहल करना|

भक्ति आराधना चैनल द्वारा प्रस्तुत छठ गीत इस लिंक पर उपलब्ध हैं – https://goo.gl/eZxWgB

Anubha Rani

I'm an avid reader, a foodie, and a movie buff; who is passionate about the positivity around us. I love to dream and convert those dreams into words. At one moment I'm inside a shell and the very next moment I'm the ferocious one. Dynamism is my forte. Apart from being a dreamer, I'm also a woman with a beating heart and a curious mind questioning traditional social norms. I'm a rebel at one moment and just opposite at the very next moment. My fuel is the smile of my son, the happiness of my family, and lots of coffee. I'm also not ashamed of spending money on buying books and to fill my (always empty) stomach.

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