रंधावा का म्यूजिकल कॉन्सर्ट रद्द – कब होगा बिहार तैयार ऐसे आयोजनों के लिए

15 फरवरी को गया में होने वाला गुरु रंधावा का कॉन्सर्ट कतिपय कारणों से रद्द कर दिया गया है| खबर के मुताबिक प्रशासन से अनुमति नहीं मिल पाई और अंतिम समय में आयोजकों को इसे रद्द करने का फैसला करना पड़ा|

कार्यक्रम के संयोजक “ब्रिज फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया” के शिव चन्दन कुमार ने बताया कि विधि-व्यवस्था और प्रशासन की अनुमति नहीं मिलने के कारण गया में प्रोग्राम को स्थगित करना पड़ा| उन्होंने कहा कि अब यह प्रोग्राम पटना में होगा| जल्दी ही इसकी तारीख की घोषणा की जाएगी।  NOTICE

चन्दन ने कहा, “बिहार में गुरु रंधावा का पहला कार्यक्रम है, गया के लोग जिन्हें पटना आकर कार्यक्रम देखना चाहते हैं, वो सादर आमंत्रित हैं| और जो फैन्स पटना नहीं आ सकते और अपने टिकेट को वापस करना चाहते हैं, उन्हें 18 मार्च के बाद वापस कर दिया जाएगा।”

ये पहली बार नहीं है, जब बिहार में किसी सेलेब्रिटी के शो को रद्द किया गया हो| पिछले एक साल में तीन बार ऐसा हुआ है जब अंतिम समय में किसी हाई प्रोफाइल शो या कॉन्सर्ट को रद्द किया गया हो| इस से पहले पिछले साल मशहूर कलाकार सपना चौधरी का पटना में होनेवाला शो भी इसी प्रकार रद्द हुआ था|

सपना चौधरी के कार्यक्रम को आयोजन से दो घंटे पहले प्रशासन ने रद्द कर दिया था। सपना आईं, सिकंदरा में प्रवेश भी किया, लेकिन अफसरों ने उन्हें गलत जानकारी देकर बैरंग लौटा दिया। कार्यक्रम स्थल पर पथराव और हंगामे की उन्हें जानकारी दी। आयोजन रद्द करने के खिलाफ कोर्ट की शरण लेने की बात आरोही संस्था के अमित तिवारी ने प्रेसवार्ता में कही थी।

युवाओं में अति लोकप्रिय स्टैंड अप कॉमेडियन, जाकिर खान भी पटना आते आते रह गए| जब श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में होनेवाला उनका शो भी इसी तरह रद्द हुआ था| उन्होंने इस बात की सूचना अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से दी थी| अगर कुछ न्यूज़ रिपोर्ट की माने तो जाकिर खान ने कुछ समय पहले अपने कॉमेडी शो में बिहारियों का मजाक बनाया था| जिसकी वजह से उनका विरोध किया जा रहा था| उस समय कहा गया था कि इस विरोध मे कुछ राजनेता भी शामिल हैं जो इसी बहाने अपनी राजनीति चमका रहे हैं।

आखिर कब तक बिहार इन सब चीजों से वंचित रहेगा? कभी प्रशासन, तो कभी सरकार की लापरवाही और अक्षमता से ऐसे आयोजन बिहार में होते होते रह जाते हैं| एक आयोजन में करीब 30 से 35 लाख रूपये खर्च होते हैं, क्या इसकी भरपाई सरकार या प्रशासन करेगा? नहीं, बिलकुल नहीं| ये उनकी जिम्मेदारी नहीं है|
VH1सरकार चाहे तो ऐसे कार्यक्रमों को सफल बनाने में सहयोग करके एक सकारात्मक माहौल बना सकती है| आज पटना की तुलना देश के बाकी बड़े शहरों जैसे पूना, इंदौर, भोपाल, चंडीगढ़, इत्यादी से की जाती है| लेकिन अगर इसी प्रकार से छोटे-छोटे आयोजन रद्द होते रहे तो कब पटना शहर “SUNBURN” और “VH1 सुपरसोनिक” जैसे आयोजनों के लिए तैयार होगा

PATLIPUTRA OPEN AIRअभी 17 फरवरी को “पाटलिपुत्र ओपन एयर – स्प्रिंग 2019” का आयोजन होने वाला है| ऐसे आयोजनों से राज्य को राजस्व की आमदनी होती है, और रचनात्मक लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान होते हैं| बिहार में ऐसे कितने ही युवा हैं जो कलात्मक प्रतिभा से ओत-प्रोत हैं, लेकिन उन्हें एक प्लेटफार्म नहीं मिल पा रहा| ऐसे में बहुत जरुरत है एक सकारात्मक माहौल बनाने की दिशा में प्रयास करने की| बस एक कदम सरकार की तरफ से और दूसरा कदम कलाप्रेमियों (जुगाड़ के पास के बदले, जेब ढीली कर के) की तरफ से उठाने की जरुरत है|

Rohit Jha

A writer who is willing to produce a work of art, To note, To pin down, To build up, To make something, To make a great flower out of life even if it's a cactus.

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