पटना के गोलघर के बारे में जानिए कुछ ऐसी बातें जो आपने कही नहीं सुनी होंगी

हम सब में से कौन है ऐसा जिसने गोल घर के बारे में बचपन में नहीं पढ़ा और कौतुहल से इसकी ओर नहीं देखा| बचपन में हम सबको ये अनोखी ईमारत लगती थी| आज जानते हैं गोलघर से जुडी कुछ रोचक एवं महत्वपूर्ण बातें:

  • इसकी ऊंचाई 29 मीटर है, यहाँ से आप पुरे गाँधी मैदान को देख सकते है और पूरी गंगा नदी को देख सकते है
  • एक वक्त था जब आप पुरे पटना शहर को गोलघर पे चढ़ कर देख सकते थे
  • पटना का गोलघर बिना किसी खम्बे का बना है, एक लम्बे गोलाकार अकार से खड़ा हुआ है 29 मीटर तक
  • बिहार के मुख्य धरोहरों में एक है गोल घर
  • गोलघर में जब अप कोई आवाज़ निकलते है तो वह आवाज़ 27 से 32बार गूंजती है
  • 1770 के भयंकर आकाल के बाद तत्कालीन गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग ने इसे अनाज के संग्रह के लिए बनाने का आदेश दिया था
  • 30 महीने के अन्दर ब्रिटिश इंजिनियर कैप्टन जान गार्स्टिन ने इस भवन को बना दिया
  • इसमें एक साथ 140000 टन अनाज़ रखा जा सकता है।
  • गोलघर के शीर्ष पर दो फीट 7 इंच व्यास का छिद्र अनाज डालने के लिये छोड़ा गया था, जिसे बाद में भर दिया गया।
  • ऊपर के 3 मीटर में ईंट के जगह पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है
  • कुछ साल पहले तक इसकी हालत बहुत ख़राब थी पर अब सरकार की नींद टूटने के बाद यहाँ लेज़र शो और बगीचा का निर्माण कर दिया गया है |

गोलघर बिहार के लिए एक धरोहर है, और अपने धरोहर को जानना और समझना हमारा कर्त्तव्य है| नव निर्माण के बाद गोलघर पटना वासियों के स्वागत के लिए तैयार है, आइए और बिहार के इस धरोहर का साक्षात्कार कीजिये|

Anubha Rani

I'm an avid reader, a foodie, and a movie buff; who is passionate about the positivity around us. I love to dream and convert those dreams into words. At one moment I'm inside a shell and the very next moment I'm the ferocious one. Dynamism is my forte. Apart from being a dreamer, I'm also a woman with a beating heart and a curious mind questioning traditional social norms. I'm a rebel at one moment and just opposite at the very next moment. My fuel is the smile of my son, the happiness of my family, and lots of coffee. I'm also not ashamed of spending money on buying books and to fill my (always empty) stomach.

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